ग्वारपाठे ,एलोवेरा (घृतकुमारी) ( Aloe vera benefits in hindi  )

ग्वारपाठे ,एलोवेरा (घृतकुमारी) ( Aloe vera benefits in hindi )

एलोवेरा (घृतकुमारी) के फायदे, उपयोग और नुकसान – Aloe Vera (Ghritkumari) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

एलोवेरा(धृतकुमारी) का उपयोग 5000 वर्ष पूर्व से ही सिस्टमेटिक के रूप में होता आया है।

एलोवेरा के औषधीय गुण:-

(Sinusitis)- जुकाम लगने से आँखों की भौंहों पर दर्द होना प्रदाह का लक्षण है। विवर-प्रदाह होने पर दो सप्ताह तक लहसुन और शहद अच्छी मात्रा में खायें, फिर धीरे-धीरे इनका सेवन कम करते जायें। माथे और नाक नथुनों के दोनों ओर एलोवेरा के रस को गर्म करके लगायें। नाक में रोजाना तीन बार ग्वारपाठे का रस (Extract) निचौड़कर लगायें। पानी का भगोना भरकर उसमें थोड़ा-सा एलोवेरा के रस और युक्लिप्टस लोशन डालकर गर्म करें और उसकी भाप को नाक से अन्दर खींचें। इससे साइनोसाइटिस में लाभ होगा।

मुँहासे (Acne)-चेहरा धोकर ग्वारपाठे का रस मलें। फिर एक घंटे बाद धोयें। त्वचा रूखी होने पर नारियल के तेल में एलोवेरा के रस को मिलाकर लगायें। ऐलोवेरा क्रीम भी लगा सकते हैं।

एलर्जिक त्वचा प्रदाह (Allergie Dermatitis)- एलोवेरा का रस लगायें।

दांतों के रोग मसूड़ों में दर्द सूजन- (Gingivitis), पायोरिया में एलोवेरा के रस या पेस्ट से मंजन करें।

एलोवेरा के गूदे, रस से चेहरा रगड़कर साफ करने से चेहरा कोमल, लचीला और आकर्षक हो जाता है। एलोवेरा के पोषक तत्व मृत कोशों को हटाकर नये कोश पैदा कर देते हैं। इस प्रकार त्वचा सुन्दर बन जाती है।

खाँसी-आधा चम्मच गर्म घी में दो चम्मच एलोवेरा का गूदा मिलाकर भूनकर शहद के साथ दिन में तीन बार खाएँ। तीन-चार दिन में ही खाँसी, जुकाम से राहत मिल जाएगी।

फोड़ा पकने के निकट हो तो एलोवेरा के गूदे को गर्म करके बाँधने से फोड़े की मवाद निकल कर, घाव जल्दी भर जाता है।

गाँठों की सूजन पर भी एलोवेरा के पत्ते को एक ओर से छीलकर तथा उस पर थोड़ा हल्दी पाउडर बुरककर तथा कुछ गरम करके बाँधने से लाभ होता है।

चोट-मोच होने पर ग्वारपाठे के गूदे में पिसी हुई हल्दी मिलाकर बाँधने से आराम मिलता है।

स्त्रियों के स्तन में चोट आदि के कारण या अन्य किसी कारण से गाँठ या सूजन होने पर ग्वारपाठे पर पिसी हल्दी डालकर गरम करके बाँधने से लाभ होता है। इसे दिन में 2-3 बार बदलना चाहिये

घाव- एलोवेरा के पत्तो से निकले रस में 96 प्रतिशत पानी मिलाकर घाव पर लगाएँ। यह रस एन्टीसेप्टिक है जो घाव में दर्द और सूजन को कम करता है। यह जख्मी जगह पर खून की पूर्ति करता है और घाव को भरने में सहायक होता है।

त्वचा रोग– एलोवेरा त्वचा पर जादू की तरह प्रभाव डालता है, त्वचा के दागधब्बे, मुँहासे, खुरदरी, मृत त्वचा, गर्भावस्था में पेट पर हुए निशान, नाक-कान-गले के रोग, झुर्रियाँ को दूर करने में सफल है। ग्वारपाठे की ऊपरी सतह को काटें। अंदर से एक रंगहीन, लिसलिसा-सा पदार्थ निकलेगा, जो स्वाद में कड़वा होता है। इसे किसी एयर टाइट डिब्बे में डालकर फ्रिज में रखें। यह एलोवेरा का रस (Gel) है। इस रस को रोजाना चेहरे पर लगायें। चेहरा चमक उठेगा। त्वचा में कसावट आकर झुर्रियाँ दूर हो जायेंगी। इसे सारे शरीर पर मलने से भी लाभ ही होगा।

त्वचा पर दाग, धब्बे दूर करने के लिए चेहरे पर ग्वारपाठे का गूदा मलें, रस मलें और अन्त में रस का लेप करें। लेप सूख जाने के बाद त्वचा को गर्म पानी से धोयें। कुछ दिन प्रयोग करते रहने से त्वचा साफ, सुंदर, बेदाग, कोमल लगेगी।

ग्वारपाठे का बाहरी लेप लगाने के बाद जैसे-जैसे रस सूखेगा, त्वचा में खिंचाव, तनाव अनुभव होगा। लेप धोने के बाद ऐलोवेरा क्रीम लगायें या अन्य कोई भी चिकनाई लगा लें। इससे खिंचाव बंद होगा।

बालों की देखभाल के लिए- एलोवेरा का रस बालों की कंडीशनिंग के लिए अच्छा है। यह बालों को भरपूर पोषण देता है। एलोवेरा के गूदे को धूप में सुखाकर, इसको पीसकर, छानकर डिब्बे में भर लें। इसे चेहरे का उबटन बनाने के काम में लिया जाता है।

रक्तशोधक- 25 ग्राम एलोवेरा के ताजा रस को शहद 2 ग्राम और आधे नींबू के रस को मिलाकर दो बार सुबह-शाम पियें इससे खून साफ होता है।

दाद, खुरदरी त्वचा, घाव या कोई भी त्वचा का रोग हो, एलोवेरा का पत्ता बीच में से चीरकर रोगग्रस्त त्वचा पर रखकर पट्टी बाँधे। एलोवेरा के रस को भी लगा सकते हैं। अवश्य लाभ पहुँचेगा।

सोरायसिस पर एलोवेरा के पीले रस को लगाने से लाभ होता है, साथ में अतिरिक रस का सेवन भी करें। एलोवेरा को काटते ही पीला पानी-सा निकलता है, यह अधिक लाभ करता है। यह पीला पानी भी लगायें।

सूर्य ताप से झुलसने (Sunburn) पर एलोवेरा के रस को लगाने से लाभ होता है। त्वचा के दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं। एलोवेरा का सेवन रोगी को तो लाभ पहुँचाता ही है, साथ ही स्वस्थ व्यक्ति भी एलोवेरा का सेवन करके स्वास्थ्य और शक्ति से भरपूर हो सकता है। इसके सेवन से ताजगी और अच्छी नींद आती है।

सभी रोगों में शुरू-शुरू में दो चम्मच रस लें। धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाते जायें। एलोवेरा से लाभ धीरे-धीरे मिलता है। प्रारम्भ में प्रभाव करीब एक महीने के बाद अनुभव में आता है। तीन-चार महीनों में जरुर लाभ हो जाता है।

मधुमेह (Diabetes)-एलोवेरा के रस को लम्बे समय तक पीने से मधुमेह में लाभ होता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में यह पता चला है कि एलोवेरा का रस मधुमेह के रोगियों में शुगर की मात्रा को कम करता है।

एलोवेरा का एक और छिलका हटाकर पैर के तलुओं में रात को सोते समय बाँधे तो नींद बढ़िया आती है, आँखों को लालिमा दूर होती है। पैरों को जलन एवं टूटन में भी लाभ होता है।

जो लोग स्वस्थ हैं वे सब्जी के रूप में इसका प्रयोग कर सकते हैं। इससे पाचन क्रिया में सुधार आता है।

एक किलो एलोवेरा का रस, शहद दो सौ ग्राम, सौंठ, मिर्च, पीपल, त्रिफला प्रत्येक का दस-दस ग्राम चूर्ण मिलाकर रख दें। प्रतिदिन भोजन के बाद 25 मिलीलीटर रस और इसके बराबर का पानी मिलाकर पीयें। पेट की बीमारियों और वायुदोष के लिए यह अत्यन्त लाभदायी है।

ग्वारपाठे का ताजा रस 5 चम्मच, शहद दो चम्मच और आधे नींबू का रस मिलाकर दो बार सुबह-शाम पीते रहने से सभी प्रकार के पेट के रोग ठीक हो जाते हैं।

सिरदर्द होने पर ग्वारपाठे के रस या गूदे में थोड़ी दारु हल्दी का पाउडर मिलाकर गर्म करके फिर दर्द वाले स्थान पर लेप करने से लाभ मिलता है। ग्वारपाठे के गूदे को मसल करके या ताजे रस को माथे पर लेप करने से सिर दर्द दूर होता है।

जोड़ों का दर्द-वायु या वातदोष के लिए यह रामबाण है। गठिया, सूजन, दर्द एवं वायु की अन्य बिमारियों में परम्परागत रूप से इसका प्रयोग किया जाता है। यह वातदोष का निवारण करता है। वात दर्द वाली जगह पर दारु हल्दी का पाउडर छिड़ककर ऊपर से एलोवेरा के पत्ते को गर्म करके एक ओर का छिलका काटकर बाँधने से लाभ मिल जाता है।

गाठिया, संधिशोथ (Arthritis)- ग्वारपाठे का सेवन संधि प्रदाह से बचाता है तथा जोड़ों पर सूजन, बुखार रहने पर उनको ठीक करता है।

आप एलोवेरा का टूथपेस्ट घर में भी बना सकते हैं, जिसकी विधि हम नीचे शेयर कर रहे हैं।

एलोवेरा का टूथपेस्ट

सामग्री
  • तीन चम्मच एलोवेरा जेल
  • पांच चम्मच बेकिंग सोडा
  • पांच चम्मच वेजिटेबल ग्लिसरीन
  • बारीक़ कटा हुआ पुदीना
  • नीलगिरी या फिर पुदीने का तेल
  • शीशे का जार
  • प्लास्टिक कंटेनर
बनाने की विधि
  • आपको एलोवेरा बाज़ार में आसानी से मिल जाएगा, लेकिन ताज़ा एलोवेरा ज़्यादा फायदेमंद होता है।
  • अब शीशे के जार में बेकिंग सोडा, ग्लिसरीन,पुदीना या नीलगिरी का तेल अच्छे से मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण को अच्छे से जार में रख दें।
  • आपका एलोवेरा टूथपेस्ट तैयार है।
  • अगर आप कहीं यात्रा कर रहे हैं, तो इस टूथपेस्ट को प्लास्टिक के जार में रख लें, ताकि यह लीक न हो।

एलोवेरा के नुकसान – Side Effects of Aloe Vera in Hindi

हर चीज़ के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। ठीक वैसे ही एलोवेरा के फायदे और नुकसान दोनों ही हैं। हालांकि, यह बात जानकार आपको हैरानी हो सकती है, लेकिन इस बारे में जान लेना ज़रूरी है।

  1. एलोवेरा त्वचा के लिए फायदेमंद तो है ही, लेकिन इसका ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल कर लिया जाए, तो इससे त्वचा में जलन, खुजली और रेशेज़ भी हो सकते हैं।
  2. एलोवेरा से ब्लड प्रेशर कम होता है, लेकिन कम बीपी वाले मरीज़ों ने इसका ज़रूरत से ज़्यादा सेवन किया, तो यह उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
  3. गर्भवती महिला को गर्भपात का ख़तरा रहता है।
  4. एलोवेरा में मौजूद लैक्सेटिव से पेट खराब की शिकायत हो सकती है या इसके ज़्यादा सेवन से आईबीएस की परेशानी बढ़ सकती है।
  5. यह मांसपेशियों को कमज़ोर कर सकता है।

एलोवेरा के गुण इसे कई मायनों में विभिन्न बीमारियों में एक बेहतरीन घरेलु इलाज के तौर पर उपयोगी बनाते हैं। अगर इसका सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो एलोवेरा न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए, बल्कि बालों और त्वचा दोनों के लिए फायदेमंद है। ऊपर दी गए एलोवेरा की जानकारी से आपको यह तो पता चल ही गया होगा कि एलोवेरा और एलोवेरा जूस के फायदे अनके हैं। इसलिए, अपने आहार में एलोवेरा को शामिल करके इसके गुणों से अपने स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाए। साथ ही साथ नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में एलोवेरा के सेवन से हुए फायदों को हमारे साथ ज़रूर साझा करें।

नोट : अगर आपको किसी चीज़ से एलर्जी जल्दी होती है, तो एलोवेरा के सेवन से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर संपर्क कर लें।

This Post Has One Comment

  1. really nice post. keep on posting such useful post.

Leave a Reply

Close Menu