अहंकार से दूर रहे !!!

एक मूर्तिकार सजीव मूर्तियां बनाने में सिद्धहस्त था। उसकी बनाई मूर्तियों को देखकर ऎसा लगता था कि वे अब तुरन्त ही बोल पड़ेंगी। इतना बड़ा शिल्पकार होने के बावजूद उसमें…

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चाणक्य कहते है

चाणक्य कहते है साम, दाम, दण्ड, भेद साम :- अपने शत्रु को समझायो दाम :- अपने शत्रु को लालच दो दण्ड:- अपने शत्रु को अपना डर दिखाओ, भेद:- अपने शत्रु…

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चाणक्य की पहली नीति

सफलता की पहली नीति: आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को हमेशा यह भान होना चाहिए कि अभी कैसा वक्त चल रहा है. अपने सुख और दुःख को देखकर किसी नये…

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कन्या भ्रुण हत्या

एक स्त्री एक दिन एक स्त्रीरोग विशेषज्ञ के पास के गई और बोली, " डाक्टर मैँ एक गंभीर समस्या मेँ हुँ और मै आपकी मदद चाहती हुँ । मैं गर्भवती…

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